"हौसला ना हार "

रख हौसला बुलंद 
तेरा भी वक्त आयेगा, 
ना हारेगा तो एक दिन 
अवश्य मुकाम पायेगा ।



ईष्या को ना ला मन में 
अहंकार की बलि चढ़ा दे, 
घबरा मत, टूट मत 
रख हौसला बुलंद तेरा भी वक्त आयेगा 
आज ना सही कल आयेगा।

माना बारम्बार नाकामयाबी पाना
कठिन  है ,परिश्रम अनंत है, 
पर सोच जड़ा ठहरकर, 
कामायाबी की पहचान की 
यही पहली पथ है, हौसला ना हार ।

आज नाम उन्हीं का है 
जिसने कोशिश की है अपरम्पार, 
रख कर हौसला हराया है 
नाकामयाबी के पल को, 
ठान कर  दृढ़- विश्वास ।

नाम उसी का हुआ है जग में
संघर्ष युक्त जिसका जीवन रहा, 
रंग लाएगा तेरा संघर्ष भी एक दिन 
ना धबरा तू चन्द हारो से
रख हौसला बुलंद, 
करता जा निरंतर अपना कर्म अडिग ।

               प्रीति कुमारी 







एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ