बिटियां चाँद सी है दमाद हीरे सा लाउंगा सजी अरमानो कि द्वार मन में पिता गुमसम स…
Read more »नौ दिन दिल में बसा के सपने तेरे चरणों की सजाई अब करी कैसे विदाई ऐ माँ हमसे ना …
Read more »भेज तो रहे हो बाबुल, क्या मान मिलेगा मुझे उस आँगना मेरे मन में बहुत सी कसमकस थी…
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