इसलिए आज भी कायम हूँ,
हर कदम उठाने से पहले
सोच -विचार मैं करती हूँ ।
एक राह चुनी हूं खुद के लिए
उसके लिए ही कार्यरत हूँ
कब मिलेगी ये मंजिल मुझको
ये निश्चय कर पाना मुश्किल है ।
आत्मविश्वास दृढ़ बस रखना है
कर्मठ होकर बस बढ़ना है,
बाकी सब रब की मर्जी
जो देगा उसे ही कबूलना है ।
कभी तो मेहनत रंग लाएगी
कभी तो अपनी होगी पहचान
ये सोच के ही बस संकल्पित हूँ
ये सोच ही मेरी ताकत है ।
हौसला ना टूटने दूँगी
कोई सोचे कुछ भी मेरे लिए
उसकी सोच के असर को
खुद पे ना पड़ने दूँगी।
चाहे लाख कठिन हो हौसला बनाए रखना
चाहे कितने भी हो वक्त बूरे
एक खामोशी से कर्म करना हैं
देकर खुद को हौसला ।
कुछ सोचा है उसे पाना है
मुझे अपनी पहचान बनाना है ,
एक संकल्प को सिध्य कर दिखाना है
एक दिन ख़ामोशी को शोर बनाना है
जो सोचा है उसे पाना है ।
-प्रीति कुमारी

6 टिप्पणियाँ
जिनके हौसले बुलंद होते है। इनके मंजील एक होती है। चाहे कुछ भी वो मंजील हासिल कर ही लेते है।💐☝️👍
जवाब देंहटाएंMust👌👌👌👌
जवाब देंहटाएंSupper
जवाब देंहटाएंSuper di
हटाएंNice
जवाब देंहटाएंAtti Uttam😊
जवाब देंहटाएं