दीपावली (आओ एक उजाला गरीबों के घर भी करे)

दीपों का ये महापर्व है
दीयों से ही घर को जगमगाते है
आओ अपने घर के उजालो संग
एक गरीब के घर को भी रौशनी दिलाते है ।


मिट्टी से बने दीये खरीदो
ये योगदान देश को भी होगा
बहुत उम्मीद से बनाते हैं दीये ये
आपके सहयोग से इनका घर भी रौशन होगा ।

बहुत सुनी रह जाती हैं गलिया
बहुत घरो में अंधेरे ही रहते है
साधन नहीं, सामर्थ्य नहीं जिनको
वो कहां खुशियां मनाते है।

ना दीये जले हो जिनके घर
ना पकवान बना पाए हैं
सामर्थ्य दिया है, खुदा ने हमको
आओ उनके घर को भी जगमगाए हम।

खुशियाें का त्योहार है
मिल-जुल कर धुम मचाते है
दीप, पटाखा, कैंडल से
घर की रौशनी बढ़ाते हैं।

सौहार्द्य प्रेम के इस पल में
दीयों को ही जलाऐगे
आओ मिलकर संकल्प करे
अपने छोटे से सहयोग से
अपने घर के साथ -साथ
उनके घर में भी खुशियां लाऐगे।

🙏आप सभी को दीवाली की ढे़र सारी शुभकामनाएं ❤🙏

      -प्रीति कुमारी 
                        

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