वेवफा सनम

तेरी वेवफाई तो दिख ही रही है 
इसे जुबा से जाहिर क्या करे
बदलाव तो तेरी हरकत ब्या कर रही है 
आँखो को कातिल क्या कहे।

धड़ी -धड़ी ना आजमाया करो
तुझसे इश्क़ किये है, गुलामी नहीं 
अपने हरकतों को खुद ही आक लो
जो कर रहे वो सिर्फ वेवफाई है 
और कुछ भी नहीं ।



आज इंतज़ार है ,तेरा ,तेरे काॕल का
आज तन्हा हूँ, तेरे इंतजार में 
तो तुझे फर्क नहीं मेरे इंतजार  का
मेरे प्यार का, मेरे एहसास का।

कल बेसक आदत पर जाएगी 
तेरे बिना जीने की, 
तो ना कहना वेवफा निकला 
ये भी औरो यार सा।

लाख छुपा ले अपनी हरकते
पर साफ दिखता है 
ह तु है वेवफा ये तेरी हरकते 
तेरी बाते, तेरी आंखें बोलती है ।

                          -प्रीति कुमारी 

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