पतझड़ की तरह सूना हूँ
आयेगी हरियाली एक दिन
चमकूगा सितारा बन कर जिस दिन।
मौका गया है, उम्र बाकी है
माना कि थोड़ा टूट गया हूँ
पर अभी हारा नहीं हूँ
हिम्मत और हौसला दोनो बाकी है ।
असफलता अकेली ही होती है
भीड़ तो सफलता संग होती है
मिलती है कामयाबी उसी शर्त पे
जब जुनून परमार पर होती है ।
मुसीबतो का भरमार हर किसी पे आती है
जो रखता है हौसला निखर जाता है
जो टूट जाता है, हिम्मत हार जाता है
वही इस जहाँ में बिखर जाता है ।
-प्रीति कुमारी

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