तेरा साथ है ये भी कम नहीं

कुछ भी ना मिले तो गम नहीं
तेरा साथ हो ये भी कुछ कम नहीं
तुझे पा सकू यही ख़्वाब है
तेरी आरजू हैं तुझसे ही बस प्यार है ।

आकर मुझे संवार जा
एक लम्हा मन में उतार जा
मेरी जिंदगी तेरे नाम है

 

दिल में बहुत सम्मान है
तुझे पा सकू है यही बस आरजू।

माना मजबूर है
गम से चूड़ -चूड़ है
रास्ते फिर भी अपनी बनाऐगे
चाहे मंजिल कितनी भी क्यों ना दूर है ।

पाना तुझे शौक हैं
उससे भी बड़ा जुनून है
रास्तो को चीड़ कर


रूकावटो को पार कर।
पाये तुझे किसी भी हाल में
यही मेरी जिद्द, यही मेरी जुनून है
तेरा साथ हो ये भी कम नहीं 
कुछ और ना भी मिले तो कोई गम नहीं ।

                                 प्रीति कुमारी

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