चलो ना दो पल साथ मेरे

चलो ना दो पल साथ मेरे
कुछ दर्द अपनी बाँट ले
तुम मुझसे पूछ लेना हालात मेरी
हम तुम से कहकर फिर साँस ले।


तेरे सिवा नहीं दिया
हमने किसी को दिल का रास्ता
तुम जो पूछ लो मेरे दर्द को,
फिर गम नहीं किसी बात का।

तुम कुछ पल रास्ता का साथ दो
तुम बस थोड़ा आवाज दो
तुम आ सको तो आ मिलो
सुकून इस दिल को मिले जड़ा।

सारे जख्म को संवाले हैं
दुनिया की सारी बेरूखी को
दिल में दबाए सिमटे बैठे हैं 
सुना लूं तुझे जो हर दर्द को
फिर हर दर्द से मुक्ति मिले।

कह सकू ना किसी और से 
ये दर्द जो दिल को चुभी
तू सुकून हैं मेरे जिंदगी का
तुझे कह लूं फिर जिंदगी के
भर जाए सारे जख्म मेरे।


तुम चलो तो दो पल साथ मेरे 
सारी आरजू फिर बयां करू
तेरी बांहो में सोई रहूं और
सारे दर्द अपनी तुझसे कहूं
तुम चलो तो पल दो पल साथ मेरे।

                             प्रीति कुमारी 






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