एहसासो के समंदर में

चलो तुम्हें छोड़ दी
रह तो लोगे ना मुझबिन
याद आये जब भी आ जाना
मेरा दिल धड़कता रहेगा तुझपर।

मेरे बिन तुम्हें रहना है
तेरी खुशी मुझे रखनी है
तुझ पर अपनी जिंदगी कुर्बान
तेरे लिए अलग होना क्या है
तेरी खुशी पर मेरी सांसे भी कुर्बान ।

मिले थे जब मोड़ पर कल
अल्फाजे कुछ इस तरह ब्या हो रही थी
तु मुझे देखकर खुश था
मैं तुम्हें देखकर रो रही थी ।

एहसासो के समंदर में
बस तू ही तू रहेगा हरपल
मिले तो मुकद्दर मेरी
ना मिले जो तो गम रहेगा जीवनभर ।

तुझे जाना है तो जा
रोकूगी नही तुझे एक बार भी
मिले ना कोई जहां में मुझसा
तो लौट आना बेसक
जो मै आज हू तेरे लिए
वही कल भी रहूगी।

तू जाना चाहता है,
मुझे तो बस तेरा इंतजार है
तू माने या ना माने
मुझे तो तुमसे बेईम्तहा प्यार है ।

प्रीति कुमारी

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