लगता है मेरा चेहरा निगाहों से हटने लगा है
दूरियां यूही नही बढ गई
तेरे मेरे दरमिया कोई तो बसने लगा है ।
तु भूला दे बेसक हर बातों को
मेरे बस की तो वो भी नहीं
पाना तुझे तुझसे हैं
जिसमे तेरी मर्जी शामिल ही नहीं ।
दिल कहता हैं एक कोशिश और करू
शायद तुम्हें पा लू तुम्हें मना लू
पर बात तो रिश्ते तोड़ने की है तेरे जहन में
फिर मैं कुछ भी कर लू
कुछ ना है होना जाना।
बताना है बहुत मिस कर रही हूँ
बहुत प्यार आ रहा
पर जता नही सकती
बता भी नहीं सकते
क्योंकि तेरे दिल में अब
किसी और का ढिकाना हैं ।

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