" सफ़र के साथी"

 राहों में जब उलझन हो
लम्हों में बेबसी का घेरा हो, 
 जो साथ निभाये उस क्षण में 
वो दोस्त ही बस अलबेला हैं ।

जितने भी साथी साथ है मेरे
हर की अहमियत अनोखी हैं, 
तुम सूर्य की तरह चमक हो
चन्द्रमा सा तेरा उजाला है मेरे जीवन में ।

 जब -जब पड़ा बूरा वक्त मेरा 
 सपने ढाढ़स बधायां हैं, 
 सबका सहयोग मिला मुझको ,
  मेरे जीवन के हर- क्षण -प्रतिक्षण मे ।

 हैं धन्यवाद तुम सबको यारों
 आज के इस पावन अवसर में 
 मेरे इस दिल से, 
 तुम सदा जीवन में तरक्की करो
  खुशियां बरसे तेरे हर क्षण में ।।

            👫 Happy friendship day 👭      
                                       Prity Kumari              
  
 


  




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