"पिता के लिए चंद लाइन"

पिता से ही रोटी,कपड़ा,मकानहै
पिता से ही हर मुश्किल का समाधान है, 
पिता है तो सारी ख़्वाहिश पूरी है
पिता है तो हर जिद्द की मंजूरी है ।

अपने कंधो पर बोझ उठा
बच्चो को कर्तव्ययुक्त पाठ पढाता है, 
नौ महीने कोख में तो नहीं रखता पर
सारे जीवन अपना कर्तव्य निभाता है,
अपनी जरूरतों को अनसुनी कर
बच्चों के हर ख़्वाहिश को पूरा करता है ।



प्यार की गरमाहट है हमेशा 
हर पल साथ आपके होने से, 
कोई मुश्किल ना आने देता
एक पिता बच्चो के जीवन के किसी क्षण में ।

आपका होना ही काफी है 
हर समस्या से निश्चिंत हूँ मै, 
 सब संभाल लोगे आप ,
ये सोच के ही संतुष्ट हूँ मैं ।

भर कर अपने कंधो को बोझ से 
एक पिता सारी बोझ उठाता है, 
केवल यही एक इंसान है जहाँ में, 
जो अपने बच्चों को अपने से उँचा
 बनाना चाहता है ।

अरमान  एक ,ख़्वाहिशे एक ही होती है 
मेरे बच्चों का नाम रौशन हो, 
बच्चो के नाम से हो पहचान मेरी।

नसीब वाले होते हैं जिनके  पिता है 
उनकी मौजूदगी से ही हर कमी पूरी है, 
एक विश्वास सा रहता है, जब पड़े मुसीबत तो, 
"कोई ना पापा है ना संभाल लेगे"
यही उम्मीद हर धड़ी होती हैं ।

"या खुदा इस उम्मीद को जीवन भर बनाए रखना
पिता ही परमेश्वर है, इसे हर धड़ी हर क्षण संभाले रखना "❤🙏

                       प्रीति कुमारी 




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