"जो दिल में हैं वो जिंदगी में नहीं"

अजीब कसमकस में हैं ये जिंदगी 
  जिसे चाहा वो मिला नहीं, 
  जो मिला वो दिल में नहीं
  क्या बताउं तुझे ऐ जाने - तमन्ना 
   ये बेबसी हैं कोई गिला नहीं ।

  हर मोहब्बत का अंजाम
  यही होता है 
  मिल जाए तो बदनाम, 
  न मिले तो अन्जान होता है ।

एक कसक रह जाती हैं जीवन में 

 बेबसी में अकेला रोता हर दिल हैं, 
 काश! वो ही होता अपना, 
 जिसे चाहा था सिद्दत से इस दिल ने।

 
जितना आसान मोहब्बत का फसाना है 
उतना ही मुश्किल उसे निभाना है, 
जो करो तलाश हर दिल की खलीस तो
हर किसी के दिल में,
 किसी और का फसाना  हैं ।


तब्जों दो परिवार की खुशी को तो
दिल अकेला रह जाता है, 
दो तब्जों प्यार को तो,
जिंदगी सुनी रह जाती।

नासीब तो उनके है 
जिनकी परिवार और प्यार, 
दोनों मुकम्मल हैं ,
वरना तो कई दिल ऐसे घायल हैं कि, 
दिल में खुद की मोहब्बत और, 
घर में किसी और की मोहब्बत को
    बिठाए बैठे हैं ।



"अल्फाज अधूरा हैं 
  क्योंकि हर किसी का 
   प्यार अधूरा है, 
   जब तक ना रहे जिंदगी में, 
   मोहब्बत का साया, 
  तब तक ब्याह का बंधन भी अधूरा  है"।।
            
                               प्रिती कुमारी




 
 

 

 
 
 

   
  
     

  

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12 टिप्पणियाँ

  1. Alfaaz adhure hai pr sbdd mai bahut kuch baya ho jate👌ek alg he feeling hai jo aaj sacchai yhi hai
    Bahut badhiya didi jii😊

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