नकारात्मक भाव मिटाता हैं
सो क्षमा करे उन लोगों को
जिसने भी कभी दिल दुखाया हैं ।
क्षमा भाव हैं, क्षमा प्रभाव है
अपने ही मन के सकारात्मकता को
आंतरिक क्षमता देता है ,
जीवन के हर क्षण को
सुख -शांति से भर देता है ।
बिना क्षमा किये मन प्रतिबंधित होगा
कुलषित रहेगा मन अपना ही,
दूसरों के प्रतिक्रिया प्रभावों को
अपने ही चित पर क्यों अंकित करना।
जिस रिश्ते या अनुबंध को
ना ले जाना हो आगे तक
ना करना हो उसे कैरी फारवर्ड
तो क्षमा करना ही उतम है ।
क्यों भूत तक लिपटाना अनुबंध को
यह लिपटकर हरपल सोचो से
भविष्य बर्बाद कर देगा ये
और जीवन दुखमय बनता जाएगा ।
नफरत आपके मन को
आजाद नहीं होने देगी उस क्षण से
होना है अगर पूरा स्वतंत्र उससे
ना करना है अपना जीवन दुखमय तो
क्षमा करे और आगे बढ़े।
क्षमा सकरात्मक सोच लाता है मन में
और चित -चितवन, आंतरिक उर्जा से
भर जाता हैं ,क्षमा वीरस्य भूषणम्।
-प्रीति कुमारी

7 टिप्पणियाँ
Nice
जवाब देंहटाएंNice 👌👌👌👌👌♥️♥️♥️♥️♥️👌👌
जवाब देंहटाएंSupper
जवाब देंहटाएंBilkul sahi hai
जवाब देंहटाएं👍☝️
जवाब देंहटाएंSahi h
जवाब देंहटाएंThnx a lot everyone 🙏❤
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