जलने वाले जलते रहेगे हौसला हो बुलंद तो कामयाबी झक मार के आयेगी



एक सफर चुना था हमने
मरजी मेरी थी, मेहनत मेरी थी
हौसला मैने बटोरा था
पर गिराने वालो कि भीर भारी थी।

गिरा ना हौसले को,
ये हिमालय सा अडिग है
तु रूक तो जा मुझपे हंसने वाले
अभी तो जलने को तेरे लिए
मेरी पूरी कमयाबी की कहानी पड़ी है ।


तुम क्या तोडोगे हौसला
ये राख की ढ़ेर नहीं
जो ढह जाएंगी, तेरे फूंक की
जलन जली उपहास से।

अभी सफर कि शुरूआत है
कहानी तो लिखनी बाकी है
मेरा तो हौसला ही तुझे हरा देगा
सोच जड़ा मेरी कामयाबी तो अभी बाकी है ।

शोर तो हर गली में होगा मेरी कामयाबी का
बंद कमरे में भी तु सुन पाएगा
अब जलन जली उपहास को बंद कर या बढ़ा ले
तेरी मरजी, पर यकीनन तु कुछ रोक नहीं पायेगा।

जलने वाले जलते ही रह जाओगे
मेरी बराबरी नही कर पाओगे
तुम जितना जलोगे मुझसे 
पल-पल उतनी ही तरक्की मेरी पाओगे ।


तेरी जलन मुझे एहसास दिलाती है
हो रहा हूँ कामयाब, जा रहा हूँ सही दिशा 
ये एहसास मेरे हौसले को बढ़ाती हैं 
शुक्रिया तुझे तहे दिल से सभी जलने वालो को
करो जलन उपहास यूँही तन -मन से हरदम
जिससे मिले हौसला मुझे कदम -कदम पर।

❤🙏जलन एक मानसिक बीमारी है जो तेरे मन में भरी है, और मेरे हौसले को बढ़ाने की कड़ी हैं 🙏❤

                                -प्रीति कुमारी 


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