"भारत मेरा महान है"

आज खुशी के अवसर पर
चलो थोड़ा सच से रूबरू होते हैं 
लगी है आग हर तरफ देशभक्ति की
उसमे हम भी रोटी सेक लेते हैं ।

जिस किसानों की मेहनत से
सोना धरती उगलती हैं 
आजादी के 73 साल हो गए 
पर हालात ना सुधरी इन किसानों की
इतने बेबस लाचार होकर कुछ तो
खेत बेचकर मजदूरी करने को बेबस है।


जितनी बढ़ रही अमीर-गरीब की खाई
उतना ही इकनाॕमी सूली चढ़ गई है 
झुग्गी -झोपड़ी छुपी पड़ी हैं 
उँच्चे ईंटो की दीवारों से 
सीना तान खड़ा है बिल्डिंग का मालिक
मेहमान के निकट दिखावे में ।

अमीरों में अम्बानी  का स्थान हैं उतम 
दिखा रहा ये गर्व हैं 
फिर भी इतना क्या सोचना 
मेरा भारत महान है ।

बढ रही हैं बेटियाँ आगे
फिर भी समाज में बेबस लाचार है 
केवल बरस रहा है गुस्सा 
सोशल मीडिया पर 
ना होता कोई सुधार हैं 
केवल हर रोज हो रहा शिकार है।

नफरत के कांटे सबने है खुलेयाम बोए
बिकाऊ  पत्रकार नेताओं के साथ सोए
जब भड़के हैं दंगे -फसाद धर्म के नाम पर 
ये लोग एक दूसरे पर चिल्लाएं मगरमच्छ आँसू बहाए।
फिर भी अपना सीना चौड़ा कर लो
अपनी  प्रतिद्वंदीता का 
टाइम्स स्क्वायर को भी ग्यान है 
फिर भी इतना क्या सोचना 
भारत अपना महान है ।

शिक्षा का तो बिल्कुल मत पूछों
हो चली है महंगी दिन -पर-दिन
सच की कोई औकात ना बची
अफवाह फैल रही गली-गली।

कितने को भीड़ ने घेड़कर है मार दिया
लोगों ने अंधभक्ति मे जानवर व्यवहार किया
जिसने भी इनसे जबाब मांगे
उसका सड़को पर दिन दहाड़े ही शिकार किया।


पर कितना ही गिर जाए हम
भारत का अलग ही रूतवा -सम्मान है 
फिर भी इतना क्या सोचना 
भारत मेरा महान है ।

अगर रहना है दूर जंजालो से तो 
ना करो सवाल किसी मुद्दे पर
इतना बड़ा तो दिन है आज
इनज्वाॕय करो इसको तुम।

आज का मौका है बस
अपने अंदर की देशभक्ति दिखाने का
उससे ओत-प्रोत गाने सुनकर, मूवी देखकर
अंदर के भारतीयता को जगाने का
कुछ स्टोरी भी डालेगे, 
यही तो देशभक्ति की पहचान है 
आज का मौका हैं सब लोग ही चिल्लाएंगे
मेरा भारत महान है।

                             -प्रीति कुमारी  








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