प्यार के नाम पर यहाँ कदम-कदम पर धोखा है

जरूरी है कि प्यार सबमे हो
कोटि -कोटि पग पग में हो
ये एहसास है खुशी का
जिसे मिले उसके नसीब है ।

दिखावे की दुनिया में
प्यार कहा मिलता है
यहाँ तो हर कोई बनावटी है
बनावटी में ही पलता बढ़ता है ।



कदम -कदम पे धोखे है
कोई बचाकर, कोई आजमाकर
तो कोई दिखाकर करता है
बच जाए वो होशियार
जो खा जाए वो वेवकूफ बनता है ।

कौन सी कदम पर प्यार और
कौन सी कदम पर धोखा है
खाने से पहले ये कहा पता चलता है
अजीब है यहाँ का प्यार
जो करे वही समझता है ।

जो दिल के अच्छे होते हैं 
उनको ही ये दुनिया सताती है
जो सबकी सहते है
उसे ही ये दुनिया आजमाती है ।

प्यार हर रिश्ते में जरूरी है 
प्यार उम्मीद जगाती है 
प्यार खुशी दिलाती है 
ये आधा अधूरा शब्द है 
पर जिसे मिले वो बड़ा खुशनसीब हैं।

                          -प्रीति कुमारी 


एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ