उतनी आसा नहीं होती
मुहब्बत की खुशी शुरूआती
ही अन्त में तन्हाई है देती।
खुशी शुरूआत की तुम देख कर
किसी उलझन में ना परना
जो आज हँस के गुजरी हैं
वो ही कल रो के गुजरेगी।
अंजामे इश्क़ का अक्सर
बूरा ही अंजाम होता हैं
जो खुशी का आज साथी है
वही एकदिन गमे जिंदगी देगा।
बिछड़ कर बाद में रोना
गमे जिंदगी ना हो जाए
संभल जाओ की इससे पहले
बिन बादल बरसात ना हो जाए
खुशी शुरूआत की अक्सर
गमे अंजाम देती है ।
प्रीति कुमारी

1 टिप्पणियाँ
😀👌👌👌👌👌❤❤❤
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