कहते हो इश्क़ है तुमसे

कहते हो इश्क़ है तुमसे
बस मेरे लिए वक्त नहीं
बीत जाता हैं दिन सारा
पर तेरी कोई खोज खबर नहीं ।


मुहब्बत मुहब्बत चिल्लाते हो
पर पल भर भी एहसास कहाँ दिलाते हो
मैं याद ना करू तो पूरा दिन तो
एक मैसेज तक भी नहीं भेज पाते हो ।

चलो मान लिए इश्क़ को तेरे
तेरी हर बेरूखी भी सह ली
ना टूटे ये रिश्ता तेरा मेरा
इसलिए तेरे दिये सारे दर्द भी सह ली।


एक वक्त आएगा ऐसा भी
सहनशक्ति खत्म होगी मेरी भी 
मैं भी बन जाउंगी तुझसी ही
ना तेरा इंतजार होगा उस दिन मुझे
ना फिर कभी प्यार होगा तुझसे।

तब तक तू बादशाह है मेरे दिल का 
दर्द जितना चाहे देता जा
अगर कम परे तेरी बेरूखी का तरीका
कुछ और नुक्ता आजमाता जा
कहते हो इश्क़ है तुमसे बेहद
पर पल भर भी नहीं जता पाते हो ।

                             प्रीति कुमारी 


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