आधी जिदंगी तबाह कर देता है
इसकी चाहत की लालसा
दर-दर भटका देता है ।
घर से दूर एक कमरे में बंद होना होता है
अकेले तन्हा किताबो संग जीना होता है
मायूसी के साथ भी पढ़ना पड़ता है
नकारात्मकता को हटा के लगन लगाना होता है ।
साहस खुद ही जुटाना होता है
रास्ता खुद ही बनाना होता है
कोई हिम्मत देने नही आता
हिम्मत तोड़ने वाले से खुद ही दूरी बनाना होता है ।
बन्द कमरे में लोगो से दूर
किताबों में लगे रहना
बहुत मुश्किल होता है
पर मिल जाए आसानी से
वो सरकारी नौकरी नहीं होता है ।
हर पर्व -त्योहार में तन्हा रहना पड़ता
ना चाह कर भी अपनो से दूर रहना पड़ता है
कभी -कभी तन्हाई बहुत खलती है यारो
शोर -सराबो में रहने का मन करता है
पर सरकारी नौकर की लालच में
अपनो से दूर किताबो संग रहना पड़ता।
❤मिल जाए खुदा जो कर ले जतन दिल से
पर बिना लगे लगन सरकारी नौकरी नहीं मिलता,❤

4 टिप्पणियाँ
बहुत ही सुन्दर ❤
जवाब देंहटाएंRight
जवाब देंहटाएंNice
जवाब देंहटाएंnice
जवाब देंहटाएं