सरकारी नौकरी

दो शब्द का वाक्य ये
आधी जिदंगी तबाह कर देता है 
इसकी चाहत की लालसा 
दर-दर भटका देता है ।

घर से दूर एक कमरे में बंद होना होता है 
अकेले तन्हा किताबो संग जीना होता है 


मायूसी के साथ भी पढ़ना पड़ता है
नकारात्मकता को हटा के लगन लगाना होता है ।

साहस खुद ही जुटाना होता है 
रास्ता खुद ही बनाना होता है 
कोई हिम्मत देने नही आता 
हिम्मत तोड़ने वाले से खुद ही दूरी बनाना होता है ।

बन्द कमरे में लोगो से दूर 
किताबों में लगे रहना 
बहुत मुश्किल होता है 
पर मिल जाए आसानी से
वो सरकारी नौकरी नहीं होता है ।

हर पर्व -त्योहार में तन्हा रहना पड़ता
ना चाह कर भी अपनो से दूर रहना पड़ता है 
कभी -कभी तन्हाई बहुत खलती है यारो
शोर -सराबो में रहने का मन करता है 
पर सरकारी नौकर की लालच में 
अपनो से दूर किताबो संग रहना पड़ता।

❤मिल जाए खुदा जो कर ले जतन दिल से
     पर बिना लगे लगन सरकारी नौकरी नहीं मिलता,❤


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